वो मयखाने में आया
इधर -उधर देखा
एक ख़ाली मेज पर
अपना सिर रखा
और बेटर को
खाना लाने का हुकुम दिया ...
खाना मेज पर लगा
उसने गिलास में शराब डाली
एक गिलास
दो गिलास
तीन गिलास
और फिर शायद कई और ....
जब उसको लगा
उसकी गर्दन और भी
ताकतवर हो गयी है
तो उसने मेज पर
इधर - उधर हाथ मारा
और मेज पर पड़ा
किसी दुसरे का सिर
पहनकर
अपने घर लौट गया ...
मयखाने के लोग
कहते हैं
फिर वो कभी नहीं आया ...
Saturday, March 13, 2010
Subscribe to:
Post Comments (Atom)

No comments:
Post a Comment